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August 2, 2019

भारतीय संसद में AQLI पे चर्चा

भारतीय वायु अधिनियम में बदलाव की मांग करते वक्त भारतीय संसद की एक सदस्य ने AQLI का इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु के रूप में किया।

भारत की बिगड़ती वायु गुणवत्ता आज कल सुर्खियों में है। AQLI के मुताबिक़ अगर भारत की वायु गुणवत्ता को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कणीय प्रदूषण के लिए तय किए गए स्तर पे ला दिया जाए, तो भारत के नागरिक की आयु औसतम पे ४.३ साल से बड़ जाएगी।

हाल ही में राज्य सभा की एमपी वंदना चवन ने भारतीय संसद प्रदूषण के मानव स्वास्थ्य पे होने वाले प्रभाव के विषय पर चर्चा करी। अपने भाषण में, उन्होंने AQLI के निष्कर्षों का उल्लेख किया, जो इस बात का प्रमाण है कि भारत के प्रदूषण का लोगों के जीवन पर कितना प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि भारत के वायु प्रदूषण से सम्बंधित कानून, नागरिकों के स्वास्थ्य और उत्पादकता को प्राथमिकता देते हैं, और भारतीय वायु अधिनियम में संशोधन करने के लिए कहा। उन्होंने कहा की हर वो देश जिसने वायु प्रदूषण का सफलतापूर्वक मुकाबला किया है, स्वास्थ्य की रक्षा करना उन देशों के कानूनों का प्रमुख उद्देश्य रहा है।